यह ब्राउज़र वीडियो ट्रिमर वेब के अपने मीडिया सिस्टम से चुने हुए हिस्से को डिवाइस पर पढ़ता, डीकोड करता, एनकोड करता और नई फ़ाइल में पैक करता है। डिवाइस पर H.264 और AAC का सही एनकोडर मिलने पर पहले MP4 बनाया जाता है। ऐसा न हो सके तो VP9 और Opus वाला WebM आजमाया जाता है।
बिल्कुल तय समय पर काटने के लिए दोबारा एनकोड करना पड़ सकता है। इसलिए लंबा 4K वीडियो अधिक समय और मेमोरी ले सकता है। एक्सपोर्ट पूरा होने तक यह टैब खुला रखें। बड़ी फ़ाइल के लिए नए ब्राउज़र और अच्छी क्षमता वाले कंप्यूटर का इस्तेमाल बेहतर रहता है।